तकदीर के मारे बनà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को शिरडी में बà¥à¤²à¤¾à¤²à¥‹ हे साà¤à¤ˆ
बड़ा जग की बलाà¤à¤‚ घूर रहीं हमें उनसे बचालो हे साà¤à¤ˆ
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सताठबनà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को जब अपनी शरण में लेते हो
बन जाते कवच हो तà¥à¤® उनका कोई आà¤à¤š न आने देते हो
अब हाथ पकड़ के हमको à¤à¥€ ज़रा पास बिठालो हे साà¤à¤ˆ
साà¤à¤ˆ तान के चादर करà¥à¤£à¤¾ की सब कमियाठहमारी ढक लेना
नस-नस ये हमारी विनती करे लाज शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ की मेरी रख लेना
संसार ने जिसको ठà¥à¤•राया उसे गले से लगालो हे साà¤à¤ˆ
हम बेबस और कमज़ोर बड़े दà¥:ख कैसे ज़माने à¤à¤° के सहें
जो दरà¥à¤¦ हमारे दिल में है तà¥à¤®à¤¸à¥‡ न कहें तो किससे कहें
अब अपनी महर की छाया तले हम सबको छà¥à¤ªà¤¾à¤²à¥‹ हे साà¤à¤ˆ
तकदीर के मारे बनà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को शिरडी में बà¥à¤²à¤¾à¤²à¥‹ हे साà¤à¤ˆ
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