जबसे बà¥à¤¾ सांई से रिशà¥à¤¤à¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ छूटी जाय
हम आठसांई के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ धरती कहीं à¤à¥€ जाय
चहूं ओर तूफ़ान के धारे,मैली हवा वीरान किनारे
जीवन नैया सांई सहारे फिर à¤à¥€ चलती जाय
जबसे बà¥à¤¾ सांई से रिशà¥à¤¤à¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ छूटी जाय
नाम सिमरले जब तक दम है,बोठज़ियादा वकà¥à¤¤ à¤à¥€ कम है
याद रहे दो दिन की उमरिया पल पल घटती जाय
जबसे बà¥à¤¾â€¦â€¦â€¦â€¦â€¦â€¦
सांई के मंदिर में आठजब शà¥à¤°à¤¦à¥à¤¦à¤¾ के हार चà¥à¤¾à¤
मन विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के फूल की रंगत और निखरती जाय
जबसे बà¥à¤¾â€¦â€¦â€¦â€¦â€¦
à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को दरà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¾ दो,रकà¥à¤·à¤¾ की ठंडक पहà¥à¤‚चा दो
तà¥à¤® ही कहो ये बिरहा कि अगà¥à¤¨à¤¿ कब तक जलती जाय
जबसे बà¥à¤¾ सांई से रिशà¥à¤¤à¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ छूटी जाय
हम आठसांई के दà¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ धरती कहीं à¤à¥€ जाय
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