ननà¥à¤¦à¤²à¤¾à¤² गोपाल दया कर के वृनà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤¨ मोहे बसा लेना; आंखों से परà¥à¤¦à¤¾ हटा मोहे, निज रूप का दरà¥à¤¶ दिखा देना
१. धन धाम ना मांगू तà¥à¤à¤¸à¥‡ कà¤à¥€, कोई और ना आस मà¥à¤°à¤¾à¤¦ मेरी; मोहे चरणों मे अपने बिठा लो हरि, मोहे नाम का जाप सिखा देना
२. जी चाहता है तेरी सेवा करूं, तेरी सांवरी सूरत देखा करूं; तेरे चरणों को धो धो पिया करूं, मोहे चरणों की दासी बना लेना
३. मायाजाल में मैं तो à¤à¤¸à¥€ फंसी, तेरा नाम ही लेना à¤à¥‚ल गई; मेरी अंत में होगी कà¥à¤¯à¤¾ ही दशा; मोहे बांके बिहारी बचा लेना
४. मिले à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के काम से समय अगर, दासी पे करना दया की नज़र; जब उमड़ेगा à¤à¤µ का सागर, मोहे आ के पार लगा देना
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