Sachi Bhakti Ke 6 Aasan Treeke



जीवन में कलह, दु:ख और बुरा वक्त बहुत अशांत और बेचैन कर देते हैं। ऐसे में हर इंसान बड़ी राहत की आस करता है। दूसरी तरफ अनेक मौकों पर सुख की अति भी जीवन में नीरसता लाती है और इंसान सुकूनभरे जीवन के लिए नए उपायों की तलाश में रहता है।

शास्त्रों में दु:ख से छुटकारे और स्थायी सुख का ऐसा ही एक मार्ग बताया गया है, जिस पर चलकर इंसान हमेशा दु:ख से परे और सुख-शांति से जीवन गुजार सकता है। यह रास्ता है - ईश्वर की शरण।

भगवान की पनाह यानी शरणागति भक्ति का ही एक रूप है और आसान भी, किंतु इसके लिए स्वभाव, विचार और व्यवहार से भी उतना ही सरल बनना जरूरी है। खासतौर पर अहं के अभाव और समर्पण के भाव के बिना भगवान की शरणागति संभव ही नहीं।

सरल शब्दों में अपनी कमजोरियों को जानकर, मानकर व स्वीकार कर भगवान की शरण जाना गहरे सुख व शांति देते हैं। ऐसी ही शरणागति के छ: उपाय शास्त्रों में बताए गए हैं-

प्रपत्तिरा नुकूलस्य संकल्पो प्रतिकूलता।।

विश्वासो वरणं न्यास: कार्पण्यमिति षड्विधा।।

सार है कि छ: बातें स्मरण कर भगवान की शरण में जाएं -

- भगवान की भक्ति का संकल्प यानी उनके ही मुताबिक होने का मजबूत इरादा रखें। सद्गुणों, अच्छे विचार-व्यवहार को अपनाएं।

- भगवान के विपरीत न हों यानी अहंकार और अन्य सभी बुराईयों से दूर रहें।

- भगवान में गहरा विश्वास रखें।

- यह मानकर चलना कि भगवान हमारी रक्षा करेंगे।

- आप तन, मन या धन से कितने ही सबल हो, किंतु भगवान की भक्ति में दीनता का भाव रखें।

- भगवान के प्रति समर्पण का भाव।



इन बातों का सरल शब्दों में संकेत यही है कि भगवान की शरण में जाएं तो स्वार्थ, अहं को छोड़कर जाएं।



Posted By : Vinod Jindal on Mar 27, 2012


 
 

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